उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट मीटिंग मंगलवार को हुई. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने वृद्ध नागरिकों, बीएड डिग्री धारक युवाओं और चिकित्सकों के लिए अहम फैसले लिए. कैबिनेट ने 6 प्रस्ताव पारित किए.

लोकसभा चुनाव के बाद काम पर लौटी उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट मीटिंग मंगलवार को हुई. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने वृद्ध नागरिकों, बीएड डिग्री धारक युवाओं और चिकित्सकों के लिए अहम फैसले लिए. कैबिनेट ने 6 प्रस्ताव पारित किए.

कैबिनेट की बैठक के संबंध में जानकारी देते हुए प्रदेश सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक पद के लिए अब बीटीसी के साथ ही बीएड डिग्री धारक युवा भी आवेदन कर सकेंगे. उन्होंने बताया कि पीजीआई में चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए उम्र सीमा भी बढ़ाई गई है. अब 37 वर्ष तक की उम्र के चिकित्सक आवेदन कर सकेंगे. पहले आवेदन के लिए अधिकतम उम्र 35 वर्ष थी. सिंह ने कहा कि रायबरेली में निर्माणाधीन एम्स का निर्माण 2020 तक पूर्ण होना है. वहां आसपास जर्जर मकान भी हैं. इन जर्जर मकानों को ध्वस्त करने के प्रस्ताव पर भी मोहर लगाई है. एम्स निर्माण स्थल के आसपास ऐसे 76 मकान हैं.

वहीं प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि लघु माइक्रो ग्रेवी की स्थापना के लिए नियमावली 1961 में छठवें संशोधन के निर्णय पर भी कैबिनेट ने मोहर लगा दी. ताजी बीयर के उत्पादन का रास्ता साफ करने के लिए यह संशोधन किया जा रहा है. जिससे होटल में माइक्रो ग्रेवी लगाए जाने और बीयर के उत्पादन का रास्ता साफ हो सके. देश के 7 राज्यों में माइक्रो ग्रेवी की स्थापना हुई है. उन्होंने कहा कि वृद्धावस्था पेन्शन की राशि में इजाफे का निर्णय भी लिया गया.

पेन्शन की राशि 400 से बढ़ाकर 500 रुपये की जानी है. शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार के अंश में 100 रुपये की और वृद्धि को कैबिनेट में मंजूरी से लाखों पेंशन धारक लाभान्वित होंगे.

गौरतलब है कि प्रदेश में 79 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए पहले से ही 500 रुपये पेंशन की व्यवस्था है. उत्तर प्रदेश में 41 लाख पेंशन धारक हैं. बढ़ी पेंशन 1 जनवरी से प्रभावी होगी.

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