आज की हकीकत यह है कि अपनी पुरानी पहचान खो चुका मुरादाबाद के पीतल का उद्योग एल्युमिनियम में बदल चुका है.

पश्चिमी उत्तर प्रदेश का शहर मुरादाबाद कभी पीतल नगरी के तौर पर पहचाना जाता था. मुरादाबाद के पीतल की देश के सभी भागों में जबरदस्त मांग थी. यहां का पीतल देश के लगभग हर राज्य में जाता था. बर्तनों से लेकर पूजा पाठ के सामान तक की अपनी एक खास महत्ता थी. वक्त बदला, लोगों की पसंद बदली और बदलते वक्त के साथ पीतल की मांग घटती गई. आज की हकीकत यह है कि अपनी पुरानी पहचान खो चुका मुरादाबाद के पीतल का उद्योग एल्युमिनियम में बदल चुका है.

मुरादाबाद का हैंडीक्राफ्ट उद्योग अब बड़े तादाद में एल्युमिनियम के सामान बनाने पर निर्भर है. सालाना लगभग 2500 करोड़ रुपए का एक्सपोर्ट करने वाले मुरादाबाद की इंडस्ट्री का अस्तित्व आज संकट में है. इसलिए यहां के कारोबारी वाले बजट में दोबारा सत्ता में आ चुकी मोदी सरकार से बड़े राहत की आस लगाए बैठे हैं.

मुरादाबाद के कारोबारी और ट्रेड लिंक एक्सपोर्ट नाम के कंपनी के डायरेक्टर मुकेश गुप्ता की कंपनी में ज्यादातर एल्युमिनियम के हस्तशिल्प और घर के जरूरी सामान बनाए जाते हैं, जिसेये यूरोप के बाजारों में एक्सपोर्ट करते हैं. नोटबंदी और जीएसटी के बाद निश्चित तौर पर मुरादाबाद का उद्योग धीरे-धीरे कुछ हद तक संभला, लेकिन आज भी इस इंडस्ट्री का व्यापार अपने पिछले स्वरूप में लौट नहीं पाया है. आज तक के साथ हुई बातचीत में मुकेश गुप्ता ने कहा, “ज्यादा आयात करने के चलते महंगा कच्चा माल चीन के साथ कीमतों की प्रतियोगिता में हमारा कारोबार पिछड़ रहा है.”

मुकेश गुप्ता और इनके जैसे कारोबारी केंद्र सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि आने वाले बजट में सरकार कच्चे माल पर आयात शुल्क कम करें, साथ ही निर्यात शुल्क में भी कटौती की जाए. इसके साथ साथ निर्यात पर मिलने वाला इंसेंटिव एक बार फिर बढ़ाया जाए. मुरादाबाद  छोटे स्तर पर हैंडीक्राफ्ट के कारोबार में शामिल बंसल इंपैक्ट के मालिक शरद बंसल ने आजतक से बात करते हुए कारोबार में आ रही मुश्किलों पर बात की. उन्होंने तकनीकी अपग्रेडेशन को आज के समय की बड़ी जरूरत बताया. शरद बंसल का कहना है, “सरकार इस बजट में हम जैसे लोगों को टेक्निकल अपग्रेड करने के लिए सोचे, जिसमें वित्तीय मदद एक बड़ी राहत बन सकती है इससे हमारा कारोबार बढ़ सकता है.”

साथ ही इन कारोबारियों का यह भी मानना है कि सरकार अगर आयात निर्यात करों में कटौती करे तो यह चीन के साथ कीमतों की स्पर्धा में उसे पछाड़कर आगे निकल सकते हैं. मुरादाबाद का कारोबार सरकार के आगामी बजट की ओर नजरें गड़ाए बैठा है कि आखिर इस बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की झोली से उनके हिस्सें में क्या आता है.

LEAVE A REPLY