चक्रवाती तूफान वायु के प्रभाव से बचने के लिए 10 चीनी पोत ने भारत में शरण ली है. इन पोतों को महाराष्ट्र के रत्नागिरी बंदरगाह में शरण दी गई. भारतीय तटरक्षक महानिरीक्षक केआर सुरेश ने बताया कि भारतीय तटरक्षक बल ने उन्हें सुरक्षा घेरा के तहत वहां रहने की इजाजत दी है.

चक्रवाती तूफान वायु के प्रभाव से बचने के लिए 10 चीनी पोतों ने भारत में शरण ली है. इन पोतों को महाराष्ट्र के रत्नागिरी बंदरगाह में शरण दी गई. भारतीय तटरक्षक महानिरीक्षक केआर सुरेश ने बताया कि भारतीय तटरक्षक बल ने उन्हें सुरक्षा घेरा के तहत वहां रहने की इजाजत दी है.

वहीं, वायु से भारत में विमानों के संचालन में भी बाधा आई है. भारतीय वायुसेना का एक विमान नई दिल्ली से विजयवाड़ा जा रहा था. यह विमान एनडीआरएफ के 160 कर्मचारियों को लेने जा रहा था. ये सदस्य गुजरात में वायु चक्रवात से प्रभावित लोगों की मदद के लिए जा रहे थे.

मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र बन गया है. ऐसे में वायु चक्रवात गुजरात तट से 13 जून को टकरा सकता है. अगले 24 घंटे में वायु और तेज हो सकता है. वायु गुजरात के वेरावल के पास टकरा सकता है. भारत के तटीय इलाकों में टकराते समय इसकी गति 110 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे हो सकती है.

गुजरात के मुख्य सचिव के मुताबिक वायु वेरावल के पास बुधवार सुबह 6 से 7 बजे के बीच तटीय इलाकों में टकरा सकता है. इसे लेकर मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने आज एक समीक्षा बैठक भी ली. एनडीआरएफ की टीम को सौराष्ट्र और गिर सोमनाथ भेज दिया गया है. रूपाणी ने कहा है कि बुधवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में वायु मुख्य मुद्दा होगा. सभी अधिकारियों की छुट्टी रद्द कर दी गई है.

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