कोर्ट ने इसके लिए 5 जून को अखबारों में विज्ञापन देने का आदेश दिया है. साथ ही काउंसलिंग और एडमिशन की प्रक्रिया 14 जून तक पूरी करने के लिए कहा है.

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के मेडिकल कॉलेज के पीजी कोर्सेज में सामान्य वर्ग के स्टूडेंट्स के एडमिशन के लिए दोबारा काउंसलिंग का आदेश दिया है. काउंसलिंग की प्रकिया ऑनलाइन नहीं होकर मैनुअल होगी. कोर्ट ने इसके लिए 5 जून को अखबारों में विज्ञापन देने का आदेश दिया है. साथ ही काउंसलिंग और एडमिशन की प्रक्रिया 14 जून तक पूरी करने के लिए कहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश उन स्टूडेंट्स की याचिका पर दिया है जो कोर्ट के उस आदेश से प्रभावित थे, जिसमें कोर्ट ने कहा था कि शैक्षणिक सत्र 2019-20 के लिए 10 फीसदी EWS आरक्षण इस साल के पीजी मेडिकल कोर्स एडमिशन में लागू नहीं होगा. कोर्ट का कहना था कि चूंकि इन कोर्सेस के लिए एडमिशन की प्रक्रिया EWS आरक्षण लागू होने के काफी पहले शुरू हो गई थी, इसलिए इस साल नियम लागू नहीं होंगे.

 

7 मार्च को जारी की गई थी अधिसूचना
शीर्ष अदालत ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए कोटा मेडिकल कॉलेजों में चल रही प्रवेश प्रक्रिया में लागू नहीं किया जा सकता क्योंकि EWS को आरक्षण देने के लिए संविधान में संशोधन से पहले प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हुई थी. आपको बता दें महाराष्ट्र सरकार की तरफ से 7 मार्च को एक अधिसूचना जारी की गई थी. इस अधिसूचना के तहत ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत आने वाले छात्रों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने की बात कही गई थी.

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