बीते महीने सरकार ने अपने नागरिकों को स्पष्ट संदेश दिया था कि सरकार विरोधी पोस्ट पर गंभीर नजर रखी जा रही है. इस महीने लोगों को चेता दिया गया कि सरकार के खिलाफ ऑनलाइन पोस्ट पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.

नई दिल्ली, अरबी देश बहरीन ने अपने नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे सोशल साइट्स पर सरकार विरोधी पोस्ट या अकाउंट से बचें नहीं तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. बहरीन अमेरिका का सहयोगी देश है जहां ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सरकार विरोधी स्वर काफी मुखर हो रहे हैं. पिछले हफ्ते बहरीन सरकार ने लोगों के फोन पर मैसेज भेज कर इस बात की चेतावनी जारी की है.

बीते महीने सरकार ने अपने नागरिकों को स्पष्ट संदेश दिया था कि सरकार विरोधी पोस्ट पर गंभीर नजर रखी जा रही है. इस महीने लोगों को चेता दिया गया है कि सरकार के खिलाफ ऑनलाइन पोस्ट पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. सुन्नी बहुल बहरीन में साल 2011 में शिया मुस्लिमों का आंदोलन काफी उग्र हो गया था जिसमें दर्जनों लोग मारे गए थे. हिंसा की गंभीरता को देखते हुए सऊदी अरब ने अपनी सेना भेजकर उपद्रव शांत कराया था. तब से लेकर बहरीन अपनी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर काफी सावधान दिखता है.

2011 की हिंसा के बाद सैकड़ों लोगों को कैद कर दिया गया, कई लोगों की नागरिकता छीन ली गई और मुख्य विपक्षी दलों पर प्रतिबंध लगा दिया गया. विपक्षी दलों के नेता अब या तो बरहीन छोड़ चुके हैं या उन्हें जेलों में डाल दिया गया है. संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संस्थाएं लोगों के अधिकारों के हनन को लेकर बहरीन की आलोचना करती रही हैं. बहरीन सरकार के खिलाफ अब विदेशों में बैठे लोगों ने भी सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट लिखने शुरू किए है. सरकार इन गतिविधियों पर कड़ाई से नजर रख रही है.

बहरीन सरकार ने मध्य मई में कार्रवाई शुरू की. वहां के गृह मंत्रालय के मुताबिक ईरान, कतर, इराक और कुछ यूरोपीय देश जैसे कि फ्रांस, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया से सरकार विरोधी सोशल अकाउंट्स चलाए जा रहे हैं. सरकार ने चेतावनी दी है कि इन अकाउंट्स पर बहरीन के लोग मैसेज या पोस्ट न भेजें, नहीं तो कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. बीते गुरुवार को यह निर्देश जारी किया गया कि सरकार विरोधी गतिविधियों में लिफ्त लोगों के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का कानून लगाया जा सकता है.

सरकार ने सोशल मीडिया पर ऐसी गतिविधियों को अभिव्यक्ति की आजादी नहीं माना है  क्योंकि इससे ‘समाज में विरोध बढ़ सकता है और अमन चैन को हानि पहुंच सकती है.’ सरकार विरोधी सोशल मीडिया पोस्ट व्हाट्सअप पर काफी चल रहे हैं. पिछले महीने मुहाफ्दा और सित्री नाम के दो लोगों पर सरकार विरोधी पोस्ट शेयर करने के लिए मुकदमा भी दर्ज किया गया.

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