सुठालिया थाना प्रभारी नहीं
दे रहीं संतोषजनक जवाब, आवेदक को किया जा
रहा गुमराह…

सीएम हेल्पलाइन को भी गंभीरता से नहीं ले रही पुलिस
ठ्ठग्राम गिंदौरहाट स्थित कृषि भूमि मामले में डेढ़ माह बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

सरकारी नौकरी कर रहा क्या कोई पुलिसवाला अपने ओहदे से अधिक रुतबे का मालिक बनकर अपने कार्यालयीन दायित्वों को अपनी इच्छा से निभा सकता है? अगर ऐसी बानगी देखना हो तो सुठालिया थाने में पदस्थ एएसआई सूरज सिंह जादौन को देख लीजिये, जो अपनी वर्दी का अपमान करते हुए सीएम हेल्पलाइन की शिकायत को भी दरकिनार कर रहा है और गलत जवाब देकर आवेदक को गुमराह किया जा रहा है।

/भोपाल/सुठालिया। मध्यप्रदेश सरकार भले ही पुलिसिया कार्यप्रणाली को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लाख प्रयास कर रही हो लेकिन भ्रष्ट अफसरान और बेलगाम नौकरशाही के चलते व्यवस्था को सुचारू बनाना संभव नहीं है। राजगढ़ जिले की ब्यावरा तहसील स्थित सुठालिया थाने में पदस्थ एक एएसआई सूरज सिंह जादौन द्वारा वर्दी का अपमान करते हुए आवेदक द्वारा 7 मई को सीएम हेल्पलाइन में की गई शिकायत को गंभीरता से न लेते हुए दरकिनार कर दिया। उक्त शिकायत अभी एल-3 अधिकारी के पास है। गौरतलब है कि लगभग 7-8 माह पूर्व भूमि सर्वे क्र. 290/4, 291/2 को राजस्व विभाग द्वारा नियमानुसार फरियादी को सौंपा गया था।
उक्त भूमि पर विगत कई वर्षों से यादव परिवार ने दबंगई दिखाकर कब्जा जमा रखा था। राजस्व विभाग के अमले ने मौके पर जाकर एवं पुलिस बल की मौजूदगी में भूमि का कब्जा आवेदक को सौंपा था। कब्जा सौंपने के कुछ ही दिनों पश्चात विवादित पक्ष द्वारा आवेदक को परेशान करना शुरू कर दिया। पूर्व में भी उक्त मामले की रिपोर्ट सुठालिया थाने में की गई थी इसके बावजूद भी विवादित पक्ष हरकत में नहीं आया। हाल ही में 4 अप्रैल को आवेदक मथुरालाल शिवहरे द्वारा सुठालिया थाने में भूमि की तार फेंसिंग एवं एंगल उखाडऩे संबंधी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। थाना प्रभारी पवित्रा शर्मा से भी दो-तीन बार निवेदन किया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

यादव परिवार ने पूर्व में दी थी धमकी
आवेदक को राजस्व विभाग द्वारा भूमि का कब्जा सौंपने के एक-दो माह बाद हेमराज, गोकुल पिता गुलाब सिंह यादव द्वारा एंगल एवं तार फेंसिंग उखाडऩे की धमकी भी दी गई थी। यादव परिवार ने भूमि मालिक को धमकी देते हुए कहा था कि गर्मी के मौसम में उक्त तार फेंसिंग एवं एंगल को कोई भी उखाड़ ले जाएगा।

एएसआई ने दिखाया था रसूखदारी का खौफ
उक्त मामले में आवेदक के मीडियाकर्मी पुत्र द्वारा बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि हम बिना सबूत के किसको पकड़ लें। वहीं एएसआई सूरज सिंह जादौन ने रसूखदारी का खौफ दिखाते हुए आवेदक से कहा था कि हमारे पास किसी नेता का फोन आया तो हम कार्रवाई नहीं कर पाएंगे।
सांठगांठ के चलते पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई!
यदि उक्त मामले में सीएम हेल्पलाइन की शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो जरूर पुलिस द्वारा सांठगांठ का खेल हुआ होगा। इसीलिए डेढ़ माह बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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