सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा में तैनात सिक्योरिटी फोर्सेज के कमांडोज को पहले से जानकारी दी गई थी कि जिस तरह से लगातार बंगाल में चुनावी हिंसा हो रही है, ऐसे में अमित शाह के रोड शो के दौरान सुरक्षा घेरे को बेहद सख्त रखने को कहा गया था.

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) के सातवें और अंतिम चरण में पश्चिम बंगाल की 9 सीटों पर मतदान होना है. अभी तक हुए 6 चरणों के मतदान में कोई भी चरण शांतिपूर्ण तरीके से नहीं हुआ है. मतदान के दौरान बीजेपी और राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के बीच लगातार हिंसक संघर्ष देखने को मिला है. मंगलवार (14 मई) को कोलकाता में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान भी टीएमसी और बीजेपी समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हुई. जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को बंगाल के रैली के दौरान अमित शाह की सुरक्षा में सीआरपीएफ के 25 कमांडोज तैनात किए गए थे.

सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा में तैनात सिक्योरिटी फोर्सेज के कमांडोज को पहले से जानकारी दी गई थी कि जिस तरह से लगातार बंगाल में चुनावी हिंसा हो रही है, ऐसे में अमित शाह के रोड शो के दौरान सुरक्षा घेरे को बेहद सख्त रखने को कहा गया था. जब रोड शो के दौरान हिंसा शुरू हुई तो फौरन हरकत में आए. क्लोज प्रोटेक्शन में लगे कमांडोज ने अमित शाह को रोड शो से हटाकर सुरक्षित जगह ले गए थे.

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, गृह मंत्रालय ने अमित शाह को आईबी इनपुट के आधार पर खतरे को देखते हुए जेड प्लस कैटेगरी की सुरक्षा दी हुई है, जिसमें सीआरपीएफ के बेहद प्रशिक्षित क्लोज प्रोटेक्शन कमांडोज सुरक्षा देते हैं. जिस दौरान कोलकाता में हिंसा हुई उस समय अमित शाह के साथ सीआरपीएफ के पांच सुरक्षाकर्मी उस रोड शो में मौजूद थे.

 

आपको बता दें कि मंगलवार (14 मई) को कोलकाता में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान भी टीएमसी और बीजेपी समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हुई. बीजेपी का कहना है कि इस हिंसा में पार्टी के 100 से ज्यादा कार्यकर्ता घायल हुए हैं. अमित शाह ने इस मुद्दे पर आज ममता बनर्जी सरकार पर जमकर हमला किया. उन्होंने हिंसा करने वालों पर कार्रवाई नहीं करने पर चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा. बीजेपी का आरोप है कि यह हमला टीएमसी की छात्र ईकाई ने करवाया है.

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