रमजान माह में मुस्लिम समुदाय के दैनिक व्रत को तोड़ने वाला रात्रिभोज सोमवार रात आयोजित किया गया और इसमें मुस्लिम बहुल देशों के कूटनीतिक प्रतिनिधियों और राजदूतों ने भाग लिया. ट्रंप ने इस दौरान न्यूजीलैंड, श्रीलंका, कैलिफोर्निया और पिट्सबर्ग में हुए हमलों में मुस्लिमों की मौत का उल्लेख किया.

वॉशिंगटन: मुस्लिमों की खिलाफत करके अमेरिकी राष्ट्रपति बने डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में दूसरी बार इफ्तार पार्टी का आयोजन कराया है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में अपना दूसरा वार्षिक इफ्तार रात्रिभोज आयोजित किया और कहा कि दुनियाभर के मुस्लिमों के लिए यह बहुत कठिन समय है. एबीसी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, रमजान माह में मुस्लिम समुदाय के दैनिक व्रत को तोड़ने वाला रात्रिभोज सोमवार रात आयोजित किया गया और इसमें मुस्लिम बहुल देशों के कूटनीतिक प्रतिनिधियों और राजदूतों ने भाग लिया. ट्रंप ने इस दौरान न्यूजीलैंड, श्रीलंका, कैलिफोर्निया और पिट्सबर्ग में हुए हमलों में मुस्लिमों की मौत का उल्लेख किया.

उन्होंने कहा, ‘उनकी याद में हम आतंकवाद की बुराई को हराने का संकल्प लेते हैं.’ ट्रंप ने अपने भाषण में विश्व शांति पर जोर दिया. उन्होंने कहा, ‘हम ईश्वर का धन्यवाद करते हैं कि अमेरिका एक ऐसी जगह है जो इस विश्वास पर बना है कि सभी धर्मो के लोग साथ मिलकर सुरक्षा के साथ और आजादी से रह सकते हैं.’

 

उन्होंने अपना भाषण मुस्लिमों को शुभकामनाएं देते हुए खत्म किया, ‘दुनियाभर के लोगों को रमदान करीम की बधाई.’ पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के कार्यकाल के समय से व्हाइट हाउस में इफ्तार भोज आयोजित किए जाते रहे हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि रमज़ान का पवित्र महीना समुदायों को साथ लाता है और लोग सहिष्णुता तथा शांति की कामना करते हुए एकजुट होते हैं. उन्होंने कहा कि रमज़ान अमेरिकी और दुनिया भर के मुसलमानों के लिए पवित्र महीना होता है. इस महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग समुदाय सूरज निकलने से लेकर सूरज डूबने तक रोज़ा (व्रत) रखते हैं, अल्लाह की शिद्दत से इबादत करते हैं और नमाज़ पढ़ते हैं.

राष्ट्रपति ने कहा, ‘रमज़ान में ज़कात (चैरिटी) दी जाती है और यह साथी नागरिकों की सेवा का समय होता है. यह महीना परिवारों, पड़ोसियों और समुदायों को करीब लाता है.’

व्हाइट हाउस के ‘स्टेट डाइनिंग रूम’ में अपने संक्षिप्त संबोधन में ट्रंप ने कहा, ‘रमज़ान में लोग सहिष्णुता और शांति की उम्मीद में एक साथ जुटते हैं. इसी भावना में, हम आज रात इफ्तार के लिए इकट्ठा हुए हैं. इफ्तार, रोज़ा खोलने के समय को कहते हैं.’

उन्होंने कहा, ‘आज शाम, हमारी संवेदनाएं धर्मालंबियों के साथ हैं जिन्होंने हाल के हफ्तों में कई कठिनाइयों का सामना किया है. यह काफी मुश्किल वक्त रहा. न्यूजीलैंड की मस्जिदों में मारे गए मुस्लिमों के लिए हमारे दिलों में गहरी पीड़ा है. साथ-साथ हम श्रीलंका, कैलिफोर्निया और पिट्सबर्ग के ईसाइयों, यहूदी और ईश्वर की अन्य संतानों की मौत को लेकर भी दुखी हैं.’

ट्रंप ने आतंकवाद और धार्मिक अत्याचार को खत्म करने का संकल्प भी जताया ताकि लोग बिना डर और खतरे के उपासना व प्रार्थना कर सकें. अमेरिकी राष्ट्रपति हर साल रमजान के पवित्र महीने में आमंत्रित अतिथियों के लिए इफ्तार की दावत देते हैं.

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