विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने तीन महीने शुद्ध लिवाल रहने के बाद मई महीने के पहले दो ही कारोबारी सत्रों में घरेलू पूंजी बाजार से 1,255 करोड़ रुपये की निकासी की है.

नई दिल्ली : विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने तीन महीने शुद्ध लिवाल रहने के बाद मई महीने के पहले दो ही कारोबारी सत्रों में घरेलू पूंजी बाजार से 1,255 करोड़ रुपये की निकासी की है. डिपॉजिटरी के ताजा आंकड़ों के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने दो और तीन मई को शेयर बाजार से 367.30 करोड़ रुपये और बांड बाजार से 888.19 करोड़ रुपये निकाले. इससे उनकी कुल निकासी 1,255.49 करोड़ रुपये पर पहुंच गयी.

एक मई को बंद रहे थे बाजार
एक मई को महाराष्ट्र दिवस के उपलक्ष्य में बाजार बंद रहे थे. इससे पहले एफपीआई ने घरेलू पूंजी बाजार (शेयर और बांड) में फरवरी में 11,182 करोड़ रुपये, मार्च में 45,981 करोड़ रुपये और अप्रैल में 16,093 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया था.

चुनाव को ले कर बरत रहे हैं सतर्कता
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के.विजयकुमार ने कहा, ‘मई महीने में एफपीआई के रुख के बारे में कह पाना जल्दबाजी होगा. यह संभव है कि चुनाव को लेकर एफपीआई सतर्कता बरत रहे हों.’ फंड्सइंडिया की म्यूचुअल फंड शोध प्रमुख विद्या बाला ने भी कहा कि चुनाव परिणाम को लेकर मई महीने में एफपीआई निवेश में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.

10 में से 06 कंपनियों की पूंजी में आई कमी
बंबई शेयर बाजार के सेंसेक्स की शीर्ष 10 कंपनियों में से 6 का बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) बीते सप्ताह 64,219.2 करोड़ रुपये घट गया. सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी टीसीएस को इस दौरान सबसे अधिक नुकसान हुआ.

इन कंपनियों को भी हुआ नुकसान
टीसीएस के अलावा आईटीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, इंफोसिस, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और आईसीआईसीआई बैंक को भी बाजार पूंजीकरण में नुकसान उठाना पड़ा. हालांकि, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, एचडीएफसी और कोटक महिंद्रा बैंक के बाजार पूंजीकरण में इस दौरान वृद्धि हुई.

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