अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) में काम कर रहे पाकिस्तानी अर्थशास्त्री को स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) का नया गवर्नर नियुक्त किया गया है. पीएसबी देश का केंद्रीय बैंक है.

इस्लामाबाद: पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था बेहद खराब दौर से गुजर रही है. आलम यह है कि पाकिस्तान सरकार को गधे बेचकर अपनी अर्थव्यवस्था का खर्च जुटाना पड़ रहा है. ऐसे में इमरान खान की सरकार ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था सुधारने के लिए बड़े अर्थशास्त्री को स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) का गर्वनर नियुक्त किया है. अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) में काम कर रहे पाकिस्तानी अर्थशास्त्री को स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) का नया गवर्नर नियुक्त किया गया है. पीएसबी देश का केंद्रीय बैंक है.

यह नियुक्ति ऐसे समय की गई है जबकि पाकिस्तान आईएमएफ के साथ अरबों डॉलर के राहत पैकेज के लिए बातचीत कर रहा है.

 

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने शनिवार को हैरान करने वाला कदम उठाते हुए एसबीपी और संघीय राजस्व बोर्ड (एफबीआर) के प्रमुखों को हटा दिया था. कुछ दिन पहले ही आईएमएफ का दल राहत पैकेज पर बातचीत को इस्लामाबाद आया था. आईएमएफ के कार्यक्रम में एसबीपी गवर्नर और एफबीआर चेयरमैन दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है.

सरकार की ओर से शनिवार रात जारी अधिसूचना में कहा गया कि राष्ट्रपति ने डॉ रजा बाकिर को पदभार संभालने की तारीख से तीन साल के लिए एसबीपी का गवर्नर नियुक्त किया है. हार्वर्ड और कैलिफोर्निया के बर्कले विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त बाकिर वर्ष 2000 से आईएमएफ से जुड़े हैं. फिलहाल वह मिस्र में आईएमएफ के वरिष्ठ प्रतिनिधि हैं.

मालूम हो कि अपनी योजना ‘गधा विकास कार्यक्रम’ के तहत पाकिस्तान गधों की एक फौज तैयार कर रहा है. इस कार्यक्रम में एक अरब डॉलर का निवेश किया गया है. खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में चल रहे इस कार्यक्रम के जरिए चीनी निवेशकों को आकषिर्त करने की योजना है.

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