कांग्रेस की न्याय योजना पर तीखा प्रहार करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि 60 साल तक अन्याय करने वाली पार्टी कैसे किसी के साथ न्याय कर सकती है?

उन्होंने पूछा कि क्या कांग्रेस कश्मीरी पंडितों के साथ न्याय कर सकती है? क्या 1984 के सिक्ख विरोधी दंगे में अपना जान-माल सब कुछ खो देने वाले सिक्खों के साथ न्याय कर सकती है? उन्होंने आरोप लगाया कि अपने वोट बैंक के तुष्टिकरण के लिए कांग्रेस ने कश्मीरी पंडितों को मरने पर मजबूर कर दिया। कांग्रेस के कारण ही हजारों सिक्ख 1984 में हुए दंगे का शिकार हो गए। उनकी संपत्ति जला दी गई तथा मां बहनों पर अत्याचार किए गए। ऐसे में कांग्रेस के मुंह से न्याय की बात शोभा नहीं देती, क्योंकि कांग्रेस ने देश की जनता के साथ हमेशा न्याय नहीं, बल्कि अन्याय किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव के लिए आयोजित रैली को संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने देश के सबसे गरीब पांच करोड़ परिवारों को 72,000 रुपये प्रति वर्ष सीधे उनके खाते में डालने का आश्वासन दिया है। कांग्रेस इस योजना के माध्यम से अत्यंत गरीब वर्ग के वोट कबाड़कर देश की सत्ता पर फिर से कब्जा जमाना चाहती है। कांग्रेस ने गरीबों की दुखती रग पर हाथ रखकर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु से लेकर इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी हर कोई देश से गरीबी हटाने के नारे देते आए हैं। इसी क्रम में अब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने गरीबी का समूल नाश करने के लिए कनरेंद्र मोदी इसी योजना पर भारी जनसैलाब के बीच अपने विचार प्रस्तुत कर रहे थे। 17 वीं लोकसभा के आम चुनाव में पूरा विपक्ष मोदी विरोधी मोर्चा में तब्दील हो गया है। सभी की एक ही चिंता है कि केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार दोबारा नहीं आना चाहिए, फिर चाहे इसके लिए कुछ भी क्यों ना करना पड़े। बस इसी तर्ज पर विपक्ष का चुनाव अभियान जारी है, लेकिन भाजपा और नरेंद्र मोदी भी कम नहीं। विपक्ष की चाल को उसीकी भाषा में जवाब देने में और उसी के स्तर पर जाकर चुनाव प्रचार करने में उन्हें कोई परहेज नहीं है। बात मोदी या शाह की हो, या फिर देवेंद्र फड़णवीस या योगी आदित्यनाथ की, भाजपा के सारे के सारे नेता कांग्रेस और महागठबंधन समेत पूरे विपक्ष पर इन दिनों तीखा हमला कर रहे हैं। अभी कुछ दिन पहले ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि कांग्रेस और महागठबंधन को अली पर भरोसा है तो फिर हमें बजरंगबली पर भरोसा है। इसपर तुरंत पलटवार करते हुए महागठबंधन की नेता एवं बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि हमें अली की भी जरुरत है और बजरंगबली की भी जरुरत है, क्योंकि दोनों हमारे ही हैं, इन दोनों में से कोई हमारे लिए गेर नहीं है। उधर सपा नेता आजम खान भी एक जनसभा के दौरान यह कहते हुए सुने गए कि बजरंगबली तोड़ दे दुश्मन की नली। मतलब इस चुनाव में चाहे अयोध्या के श्रीराम मंदिर का मुद्दा ना हो लेकिन धर्म की आड़ लेने और धर्म को हथियार बना कर अपना चुनाव प्रचार आगे बढ़ाने में कोई भी पार्टी गुरेज नहीं कर रही है ईवीएम की शिकायत लेकर दिल्ली पहुंचे आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा है कि चुनाव आयोग स्वतंत्र संस्था है पर वह नरेंद्र मोदी सरकार के इशारे पर काम कर रही है। नायडू का दावा है कि आंध्र प्रदेश में पहले चरण के मतदान में 4,583 ईवीएम खराब हुई । दूसरी तरफ कांग्रेस व माकपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर फ्रांस के अखबार ले मोंडे को आधार बनाकर निशाना साधा है। फ्रांसीसी अखबार ने लोकसभा चुनाव के दौरान रफाल बम गिराकर भारत में सियासी पारा चढ़ा दिया है। अखबार के अनुसार सौदे के बाद फ्रांस ने रिलायंस का 1,100 करोड़ का कर माफ किया था। अखबार का आरोप है कि फ्रांस ने 1,182 करोड़ रुपये की जगह मामला केवल 56 करोड़ रुपये में ही निपटा दिया। इस मामले पर रिलायंस कम्युनिकेशन ने बयान जारी कर कहा है कि रिलायंस अटलांटिक फ्लेग फ्रांस से की गई टेक्स की मांग पूरी तरह अव्यवहारिक थी कंपनी ने इसके निदान में किसी प्रकार का कोई लाभ नहीं लिया। टेक्स भुगतान के इस विवाद को अन्य सभी कंपनियों को उपलब्ध फ्रांसीसी कानूनों के प्रावधानों के जरिए सुलझाया गया था। 2008 से 2012 के बीच रिलायंस अटलांटिक फ्लेग फ्रांस को 20 करोड़ रुपये का परिचालन घाटा हुआ था। इस अवधि के लिए फ्रांसीसी प्रशासन ने 1,100 करोड़ रुपये से अधिक का टैक्स लगा दिया। फ्रांसीसी कानून के तहत आपसी सहमति से 56 करोड़ रुपये का टैक्स देने का समझौता हुआ था। मामले में कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा है कि पीएम मोदी करदाता के पैसे से यादा दाम चुकाकर अनिल अंबानी का धन बचाने के लिए काम कर रहे हैं। रफाल सौदे के कंकाल बाहर आ रहे हैं। पूरा देश कह रहा है चौकीदार चोर है। राफेल मुद्दे पर बोलना बंद कर चुके राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी से बल मिल गया कि कोर्ट मामले में नये दस्तावेजों की भी सुनवाई कर सकता है। रॉबर्ट वाड्रा ने भी कहा है कि वे भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ पूरे देश में घूम-घूम कर चुनाव कैंपेन करेंगे। इस पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कहा है कि यदि रॉबर्ट वाड्रा कांग्रेस के पक्ष में चुनाव कैंपेन करते हैं तो इससे फायदा भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को ही होगा, क्योंकि उनके प्रचार करने से कांग्रेस को एक से दो प्रतिशत वोटों का नुकसान होगा। अभी चुनाव प्राथमिक दौर में है। यह जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा चुनाव प्रचार में और धार आने की संभावना है। ऐसे में अब देखना यह है कि चुनाव परिणामों का ऊंट आखिर किस करवट बैठता है।

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