दक्षिण कोरिया के यूनिफिकेशन मिनिस्टर चुन हेई सुंग ने मीडिया को दिए गए बयान में कहा, ‘प्योंगयांग ने दक्षिण कोरिया को संपर्क कार्यालय से वापस जाने की सूचना दे दी है.’

नॉर्थ कोरिया ने साउथ कोरिया स्थित एक अंतर कोरियाई संपर्क कार्यलय से अपने कर्मियों को शुक्रवार को वापस बुला लिया है. माना जा रहा है कि इस कदम से दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ सकते हैं. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब कुछ ही सप्ताह पहले नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की शिखर वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई थी.

नॉर्थ कोरिया और साउथ कोरिया के बीच बेहतर संबंधों के लिए काएसोंग में सितंबर में यह कार्यालय खोला गया था. दक्षिण कोरिया के यूनिफिकेशन मिनिस्टर चुन हेई सुंग ने मीडिया को दिए गए बयान में कहा, ‘प्योंगयांग ने दक्षिण कोरिया को संपर्क कार्यालय से वापस जाने की सूचना दे दी है.’ चुन ने कहा कि यह निर्णय हाईकमान के आदेश के अनुसार लिया गया है.

सुंग ने कहा, ‘नॉर्थ कोरिया का कहना है कि उन्हें संपर्क कार्यालय में हमारे रहने या नहीं रहने से कोई फर्क नहीं पड़ता.’ गौरतलब है कि उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच वार्ता प्रक्रिया शुरू करने में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जेइ इन की अहम भूमिका भी.

गौरतलब है कि अमेरिका की ओर से कई कोशिशों के बावजूद दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्क अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच तनाव थमता नजर नहीं आया. वियतनाम में हुई हनोई शिखर वार्ता के नाकाम रहने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि अगर उत्तर कोरिया ने एक सेटेलाइट साइट का नए सिरे से निर्माण किया तो उन्हें उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग से बहुत निराशा होगी.

बता दें कि उत्तर कोरियाई अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल के योंगब्योन प्लांट में नई गतिविधियों का पता चला है. इसके बाद से ही तनाव बढ़ा है. इस प्लांट में उत्तर कोरिया की पहली इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) का उत्पादन होता रहा है. बताया जाता है कि इस मिसाइल की जद में अमेरिका तक आता है.

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