बिहार में एनडीए ने 40 लोकसभा सीटों पर सहयोगी दलों के साथ सीट शेयरिंग की सूची जारी की है.

नई दिल्लीः बिहार में एनडीए ने सहयोगी दलों के साथ सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय कर लिया है. एनडीए ने बिहार में किस सीट पर किस दल की उम्मीदवारी होगी इसकी भी सूची जारी कर दी है. बता दें कि बिहार में जेडीयू बीजेपी 17-17 सीटों पर और एलजेपी 6 सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ेंगी. अब केवल प्रत्याशियों की सूची जारी होना बांकी है. हालांकि सीटों पर दलों की उम्मीदवारी की सूची जारी होने के बाद बीजपी और जेडीयू के कुछ नेता अपनी नाराजगी जता सकते हैं.

दरअसल, बीजेपी ने सीट शेयरिंग में अपने पास उन सीटों को रखा है जिस पर पहले से ही पार्टी ने जीत दर्ज कर रखी है. हालांकि इसमें कुछ सीटें जेडीयू और एलजेपी के खाते में भी चली गई है. जिसपर बीजेपी के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी.

इनमें से झंझारपुर, गोपालगंज, सिवान, गया सीट जेडीयू के खाते में चली गई है और नवादा सीट एलजेपी के खाते में चली गई है. ऐसे में माना जा रहा है कि बीजेपी के नेता नाराज हो सकते हैं. वहीं, जेडीयू के नेता जिस सीट पर दावेदारी कर रहे थे उसमें से कई सीटें बीजेपी के खाते में चली गई. ऐसे में जेडीयू के नेता भी नाराज हो सकते हैं.

बीजेपी के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह की नवादा सीट एलजेपी के खाते में चली गई है. ऐसे में वह पार्टी में अपनी नाराजगी जता सकते हैं. हालांकि उन्हें बेगूसराय सीट देने की बात की जा रही है. लेकिन सीटिंग सीट छोड़ने को लेकर गिरिराज ने पहले भी नाराजगी जताई थी.

वहीं, गोपालगंज, सिवान, गया और झंझारपुर सीट पर बीजेपी के सीटिंग उम्मीदवारों को अपनी सीट छोड़नी पर रही है. क्योंकि अब यह एनडीए के सहयोगी दल जेडीयू के पास चली गई है.

जेडीयू में भी कुछ नेताओं को नाराजगी हो सकती है. क्योंकि कई नेता अपने-अपने सीटों पर दावेदारी कर रहे थे जो बीजेपी की सीटिंग सीट थी. हालांकि दरभंगा सीट पर माना जा रहा था कि जेडीयू के हाथ में जा सकती है. लेकिन ऐसा नहीं हुआ, कीर्ति आजाद के जाने के बाद भी बीजेपी ने इस सीट को अपने ही पास रखा. लेकिन इस सीट पर काफी समय से जेडीयू के संजय झा अपनी दावेदारी प्रस्तुत कर रहे थे. लेकिन अब वह दरभंगा सीट से उम्मदीवार नहीं हो पाएंगे. हालांकि उन्हें दूसरी सीट दी जा सकती है.

वहीं, बक्सर सीट पर भी जेडीयू विधायक ददन यादव उर्फ ददन पहलवान ने अपनी दावेदारी ठोकी थी. उन्होंने अश्विनी चौबे को भी चुनौती दे दी थी. उन्होंने सर्वे कराने की बात भी कही थी. लेकिन अब यह सीट बीजेपी के पास ही रह गई है तो ददन यादव बक्सर सीट से चुनाव नहीं लड़ पाएंगे.

जेडीयू की सीटें
वालमिकी नगर, नालंदा, जहानाबाद, पूर्णिया, मुंगेर, सिवान, सीतामढ़ी, बांका, किशनगंज, मधेपुरा, कारकात, झंझारपुर, गोपलागंज, सुपौल, गया, कटिहार, भागलपुर

एलजेपी की सीटें
हाजीपुर, वैशाली, समस्तीपुर, जमुई, खगड़िया, नवादा

बीजेपी की सीटें
पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, मधुबनी, अररिया, मुजफ्फरपुर, महाराजगंज, सारण, उजियारपुर, बेगूसराय, पटना साहिब, पाटलीपुत्र, सासाराम, दरभंगा, आरा, बक्सर, औरंगाबाद

LEAVE A REPLY