मयंक गुर्जर/उज्जैन एक तरफ सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देते ही नहीं अघा रही है। वहीं मिशनरी स्कूल में छात्रा के साथ किया गया व्यवहार स्कूल प्रशासन की ओछी मानसिकता को प्रदर्शित कर रहा है।
देवास रोड प्रेम नगर स्थित सेंट जॉन्स कॉन्वेंट हाई स्कूल की कक्षा नौवीं की छात्रा को स्कूल प्रशासन द्वारा बाहर बिठाकर परीक्षा दिलाने की बात को लेकर जमकर हंगामा हुआ। चंदेसरा निवासी रेणुका परमार पिता रमेश परमार परीक्षा देने के लिए स्कूल गई थी ।जहां स्कूल की प्राचार्य ने उसे परीक्षा कक्ष मे न बिठाते हुए बाहर बिठाकर परीक्षा दिलवाई और उसे प्रताड़ित किया ।परीक्षा देने के बाद छात्रा घर पहुंची और परिजनों को सारा घटनाक्रम सुनाया । स्कूल में अपने साथ हुए व्यवहार से क्षुब्ध होकर छात्रा ने आत्महत्या का प्रयास किया ।इस पर छात्रा के परिजन स्कूल पहुंचे और प्राचार्य से इस संबंध में पूछा तो प्राचार्य का कहना था कि परीक्षा दिलवा रहे हैं ,यही बड़ी बात है। इस घटना की जानकारी लगते ही कुछ मीडिया कर्मी स्कूल पहुंचे और स्कूल प्रबंधन से चर्चा करना चाही लेकिन स्कूल के स्टाफ ने पत्रकारों के साथ अभद्रता पूर्ण व्यवहार कर जानकारी देने से इनकार किया इस पर मीडिया द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिलाधीश को घटना के संबंध में अवगत कराया इस पर जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर बीआरसी सुरेंद्र पांचाल ,एपीसी मनीषा मिश्रा, बीएसई राजेंद्र सोलंकी एवं जन शिक्षक राजेंद्र गुप्ता स्कूल पहुंचे और स्कूल की प्राचार्य से चर्चा कर मामले की जानकारी ली इसी बीच स्कूल प्रशासन की ओर से पुलिस को सूचना देने पर थाना प्रभारी नागझिरी राममूर्ति शाक्य पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची ।
और मामले की जानकारी लेने के बाद दोनों पक्षों को थाने पर कार्यवाही के लिए बुलाया किंतु समाचार लिखे जाने तक दोनों पक्षों की ओर से कोई भी शिकायत लेकर थाने नहीं पहुंचा ।बताया जाता है कि स्कूल प्रशासन और छात्रा के परिजनों के बीच फीस को लेकर काफी लंबे समय से विवाद चला आ रहा है।
गौरतलब रहे कि आए दिन मिशनरी स्कूलों में छात्र-छात्राओं के साथ इस प्रकार के दुर्व्यवहार की शिकायतें मिलने के बाद भी शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर पाते जिसके चलते मिशनरी स्कूलों में इस प्रकार की घटना आम बात हो गई है। जिला शिक्षा अधिकारी को चाहिए कि मामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें ताकि फिर से ऐसे कृत्यों की पुनरावृति ना हो।

इनका कहना है।
जिला शिक्षा अधिकारी संजय गोयल का कहना है ।
कि इस घटना के संबंध में स्कूल प्रशासन को नोटिस जारी किया गया है कि बच्ची को अलग बिठाकर परीक्षा क्यों दिलाई गई यह गलत बात है नोटिस का जवाब आने के बाद ही स्कूल प्रभात प्रशासन पर कार्रवाई की जाएगी।

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