आपकी उम्र अगर 50 से ज्यादा है और आप टीवी देखने के शौकीन हैं तो सावधान हो जाएं, क्योंकि आपकी ये आदत आपको डिमेंशिया का शिकार बना सकती है.

हाल ही में हुई एक स्टडी की रिपोर्ट में बताया गया है कि 50 से अधिक उम्र के जो लोग दिनभर में साढ़े 3 घंटे से ज्यादा समय टीवी देखते हैं उनकी याददाश्त कमजोर होने का अधिक खतरा होता है. ये स्टडी लगभग 3,600 से अधिक लोगों पर की गई है. स्टडी के मुताबिक, ज्यादा टीवी सीरियल, डॉक्यूमेंट्री और रिएलिटी शो देखने से शब्दों को याद रखने की क्षमता 10 फीसदी तक कम होती है.

शोधकर्ताओं का दावा है कि अपने पसंदीदा शो में जरूरत से ज्यादा रुचि देने से तनाव बढ़ता है, जिससे याददाश्त कमजोर होने लगती है. इसके अलावा घंटों तक टीवी के आगे बैठे रहने से लोग फिजिकल एक्टिविटी से दूर हो जाते हैं, जिस कारण वो सुस्त होने लगते हैं.

ये स्टडी यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के डिपार्टमेंट ऑफ बिहेवियरल साइंस एंड हेल्थ के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. डैजी फेन्कोर्ट द्वारा की गई है. स्टडी की रिपोर्ट के मुताबिक, 50 की उम्र के बाद ज्यादा टीवी देखने से डिमेंशिया का खतरा बढ़ जाता है.

टीवी देखने से डिमेंशिया होने के खतरे के बारे में जानने के लिए शोधकर्ताओं ने 50 की उम्र के ज्यादा वाले करीब 3,600 लोगों की जांच की. स्टडी में शामिल सभी लोगों से पूछा गया कि उन्होंने 2008 से 2009 और 2014 से 2015 तक एक दिन में कितने घंटे टीवी देखा.

यह स्टडी साइंटिफिक जर्नल में प्रकाशित की गई है. स्टडी के नतीजों में सामने आया है कि जो लोग दिनभर में 3.5 घंटे से ज्यादा टीवी देखते हैं उनकी 6 वर्षों के अंदर याददाश्त कमजोर होने लगती है.

वहीं, ‘यूनिवर्सिटी ऑफ सरे’ में क्लीनिकल साइकोलॉजी के प्रोफेसर डॉ. बॉब पेट्टन ने दावा किया है कि टीवी देखने से लोगों के दिमाग के स्ट्रक्चर में बदलाव होने लगते हैं. खासकर जो चीजों को याद रखने में जरूरी होते हैं.

हालांकि, उन्होंने ये भी बताया कि ये अभी तक साफ नहीं हुआ है कि क्या किसी प्रोग्राम की वजह से लोगों के दिमाग पर असर पड़ता है या नहीं. डॉ फेनकोर्ट ने बताया, हालांकि, टीवी देखने से व्यक्ति को कई चीजों का ज्ञान मिलता है साथ ही तनाव भी कम होता है. लेकिन, स्टडी के आधार पर ये कहा जा सकता है कि 50 से ज्यादा उम्र के लोगों के दिमाग पर बुरा असर पड़ता है. इसलिए इन लोगों को टीवी और दूसरी फिजिकल एक्टिविटी में बैलेंस करना चाहिए.

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