किसानों की समस्याओं का हल नहीं निकला तो मेरे पास किसानों की समस्या दूर करने के लिए अंतिम उपाय आंदोलन के अलावा कुछ नहीं बचता है. मैं आंदोलन करूंगा

 भोपालः मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के मुद्दे पर कमलनाथ सरकार को अल्टीमेटम दिया है. पूर्व मुख्यमंत्री ने किसानों के मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि ‘मध्य प्रदेश में किसान बेहाल है. इसके लिए मैं कई बार पत्र लिखकर मुख्यमंत्री महोदय को इसके बारे में सूचित कर चुका हूं, लेकिन कोई हल नहीं निकला. इसलिए अब मैं खुद मिलूंगा, लेकिन अगर तब भी किसानों की समस्याओं का हल नहीं निकला तो मेरे पास किसानों की समस्या दूर करने के लिए अंतिम उपाय आंदोलन के अलावा कुछ नहीं बचता है. मैं आंदोलन करूंगा.’

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उन्होंने आगे कहा कि ‘मध्य प्रदेश में किसान बेहाल और परेशान है. धान से लेकर उड़द तक हर फसल वाला किसान परेशान है. 40 किलो प्रति बोरी धान लेने के बजाय 41 किलो 200 ग्राम प्रति बोली धान तौली जा रही है. न तो धान खरीदी हो रही है और न ही तौली जा रही है. किसानों की फसल खुले में पड़ी है. छत्तीसगढ़ सरकार 2500 रुपए प्रति क्विंटल धान खरीद रही है. आपने वचन दिया था आपको भी किसान की धान बोनस के साथ 2500 रु प्रति कुंटल में खरीदी करनी चाहिए. मैं किसान के मुद्दे पर कोरी राजनीति नही करता.’

कर्ज माफी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि ‘ प्रदेश सरकार को बताना होगा कि कर्ज माफी पर उसकी स्पष्ट नीति क्या है. पहले कुछ कहा अब कुछ कह रहे हैं. पहले कहा आचार संहिता तक 35 लाख किसानों का कर्ज माफ होगा. अब कह रहे हैं 25 लाख किसानों का कर्ज माफ होगा. कृषि विभाग कह रहा है बजट नही है. राहुल गांधी ने कहा था 10 दिन में कर्ज माफ कर देंगे अगर नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री बदल देंगे. अब 60 दिन हो गए है अब तक 6 मुख्यमंत्री बदल जाने चाहिए थे. जो वचन दिया है उसे निभायें और कर्ज माफी की सुस्पष्ट नीति बतायें.’

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