देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले में आरोपी और भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के रायगढ़ जिले स्थित बंगले गिराने का काम पिछले दिनों शुरू किया गया था.

 

 देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले में आरोपी और भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के रायगढ़ जिले स्थित बंगले गिराने का काम पिछले दिनों शुरू किया गया था. लेकिन अब खबर है कि नीरव मोदी के बंगले को तोड़ने के लिए पहुंची जीसीबी और पोकलेन मशीन नाकामयाब रही. कहा जा रहा है कि बंगले की मजबूती पर जीसीबी और पोकलेन मशीर कारगर साबित नहीं हो पा रही. इसको देखते हुए भाभा एटामिक रिसर्च सेंटर से इंजीनियर्स को बुलाया गया और उनकी राय के अनुसार बंगले को तोड़ने के लिए कंट्रोल ब्लास्ट करना पडेगा.

कीमती सामान को बाहर निकाला जाएगा
कंट्रोल ब्लास्ट कराने से पहले बंगले के अंदर लगी कीमती वस्तुओं जैसे झूमर, बाथरूम में लगे शावर को निकाला जाएगा और उसकी नीलामी की जाएगी. हालांकि बंगले में ब्लास्ट करने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट से भी इजाजत लेनी होगी. आपको बता दें कि नीरव मोदी का अलीबाग स्थित बंगला करीब 20 हजार वर्ग फीट में फैला है. प्रशासन बंगले के अंदर मिलने वाले कीमती सामान की नीलामी कर अधिक से अधिक रकम की भरपाई करना चाहता है.

58 अवैध इमारतों को गिराने का आदेश
आपको बता दें कि रायगढ़ के जिलाधिकारी विजय सूर्यवंशी ने पिछले महीने मुंबई से 90 किलोमीटर दूर अलीबाग बीच के पास किहिम में स्थित 58 अवैध इमारतों को गिराने का आदेश दिया था. इसमें नीरव मोदी का बंगला भी शामिल था. अवैध इमारतों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने में नाकामी पर बंबई हाईकोर्ट की फटकार के बाद इन बिल्डिंग को गिराने का आदेश जारी किया गया था. अन्य एजेंसियों के साथ पीएनबी मामले की जांच कर रही ईडी ने इस संपत्ति को जब्त किया था.

नीरव मोदी देश छोड़कर पहले ही फरार हो चुका है. घटनाक्रम के बारे में जानकारी रखने वाले एक अन्य अधिकारी ने बताया कि ध्वस्त करने के काम में जुटी टीम को बंगले में दो कीमती कारें भी मिली. उन्होंने बताया कि टीम को बंगले के अंदर गद्दे, ग्लास फ्रेम, फर्नीचर आदि सामान भी मिले हैं. आपको बता दें कि नीरव मोदी के अवैध बंगले को गिराने का काम 25 जनवरी की शाम को शुरू किया गया था.

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