मोदी सरकार 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश करने वाली है.बजट से पहले मोदी सरकार की स्‍मार्ट सिटी मिशन के बारे में जानना जरूरी है.

मोदी सरकार के कार्यकाल के आखिरी कुछ महीने बचे हैं. यही वजह है कि सरकार 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश करेगी. इस बजट में चुनावी वायदे हो सकते हैं तो वहीं सरकार की अहम योजनाओं का भी जिक्र संभव है. इन योजनाओं में ” स्मार्ट सिटी मिशन ” भी शामिल है. आज हम आपको इस रिपोर्ट में इस मिशन से जुड़ी हुई बातें बताएंगे.

क्‍या है स्‍मार्ट सिटी मिशन

शहरों के कायाकल्‍प के लिए मोदी सरकार ने इस मिशन की शुरुआत की. इसके लिए नागरिकों के अनुकूल शहरी क्षेत्र विकसित करने के लिए 6,85,758 करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश सहित कई अन्य पहल किए गए. इस मिशन में 100 शहरों को शामिल किया गया है और इसकी अवधि पांच साल (वित्तीय वर्ष 2015-16 से वित्तीय वर्ष 2019-20) तक की है. मिशन की शुरुआत के साथ ही 100 शहरों में 5,151 प्रोजेक्ट चिन्हित किए गए, जिनके विकास पर 2 लाख करोड़ से ज्यादा की राशि खर्च की जानी है.

534 प्रोजेक्‍ट पर 10,116 करोड़ रुपये खर्च

इन सारे प्रोजेक्ट में अलग- अलग चरणों पर कार्य चल रहा है. 534 प्रोजेक्‍ट पर 10,116 करोड़ रुपये खर्च कर पूरे किए गए. वहीं करीब 43,493 करोड़ रुपये की 1,177 योजनाओं का कार्यान्वयन शुरू हो चुका है. जबकि 677 प्रोजेक्ट पर 38,207 करोड़ रुपये के टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है. आंकड़ों में बताया गया है कि स्‍मार्ट सिटी मिशन के तहत प्रधान मंत्री आवास योजना पर भी फोकस किया गया है. शहरी क्षेत्रों में 65 लाख से ज्यादा आवास के निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है. वहीं मिशन अमृत योजना के तहत पानी, सीवरेज और सफाई के लिए 77,640 करोड़ रुपये की योजना का प्रावधान है.

स्‍मार्ट सिटी के तहत कितने प्रोजेक्‍ट

स्मार्ट सिटी मिशन में आने वाले स्‍मार्ट सड़क के तहत 4 शहरों में 228 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं. वहीं 34 शहरों में 3,819 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट निर्माणाधीन हैं. जबकि 10 शहरों में 2,069 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट के लिए टेंडर जारी की जा चुकी है. इसी तरह स्मार्ट वाटर प्रोजेक्ट के तहत 18 शहरों में 902 करोड़ रुपये के कार्य पूरे किए जा चुके हैं. जबकि सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट के तहत 8 शहरों 58 करोड़ रुपये के काम हो चुके हैं. दर्शनीय और प्रभावपूर्ण प्रोजेक्ट के तहत 16 शहरों में 179 करोड़ रुपये के कार्य पूरे किए जा चुके हैं.

मिशन के जरिए दूसरी महत्वपूर्ण पहल

आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (एमओएचयूए) लगातार घर खरीदारों के हित के लिए पूरे देश में रेरा (RERA) के तहत कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के साथ ही पूरी ताकत से रियल स्टेट के क्षेत्र में भी सुधार के लिए लगा हुआ है. इसके अलावा‘ईज ऑफ लिविंग’ सूचकांक की शुरुआत की गई है.  जून 2017 में ये तय किया गया कि रहन-सहन के सूचकांक के आधार पर 116 शहरों की रैंकिंग की जाएगी.

सरकार ने कितने जारी किए रकम  

जून 2018 के आंकड़ों के मुताबिक केंद्र सरकार ने स्‍मार्ट सिटी मिशन के लिए 10 हजार 459 करोड़ रुपये जारी किए हैं. इनमें से साल 2015-16 में 1469 करोड़, 2016-17 में 4493 करोड़ रुपये, 2017-18 में 4497 करोड़ रुपये जारी किए गए.

LEAVE A REPLY