राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा था, हम विश्व को दिखाएंगे कि हमारा देश अग्रणी है.’’

ईरान ने मंगलवार को एक उपग्रह का प्रक्षेपण किया लेकिन यह कक्षा में पहुंचने में विफल रहा. देश के सरकारी टेलीविजन ने दूरसंचार मंत्री के हवाले से यह जानकारी दी है. अमेरिका ने ईरान द्वारा उपग्रह प्रक्षेपित किए जाने का विरोध किया था. ईरान के दूरसंचार मंत्री मोहम्मद जवाद अजरी जहरोमी ने कहा, ‘‘आज सुबह बशीर उपग्रह वाहक से पेयम उपग्रह का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया गया. लेकिन उपग्रह आखिरी चरण में कक्षा में प्रवेश करने में नाकाम रहा.’’ मंत्री ने बताया कि पेयम और इसका वाहक अपने पहले और दूसरे चरण के सफल परीक्षण से गुजरा था. उन्होंने बताया कि लेकिन वास्तविक प्रक्षेपण में, उपग्रह तीसरे चरण में कक्षा में पहुंचने में विफल रहा.

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि उपग्रहों को कक्षा में भेजने की ईरान की योजना संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का उल्लंघन करेगी जो प्रमुख शक्तियों और तेहरान के बीच 2015 के परमाणु समझौते का समर्थन करता है. वहीं ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने सोमवार को कहा था, ‘‘यह उपग्रह हमें वह सभी जानकारी देगा जो हमें चाहिए और हम विश्व को दिखाएंगे कि हमारा देश विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी है.’’

 

ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी, कहा- हम कमजोर हुए तो कई देश बर्बाद हो जाएंगे
आपको बता दें कि इससे पहले ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने शनिवार को चेतावनी दी कि यदि अमेरिकी प्रतिबंधों से वह कमजोर हो गया, तो पश्चिमी देशों को बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों की तस्करी का सामना करना पड़ेगा. आतंकवाद का मुकाबला करने पर छह देशों के सम्मेलन में रूहानी ने तेहरान में यह कहा.  इसमें अफगानिस्तान, ईरान, पाकिस्तान, तुर्की, चीन और रूस की संसद के स्पीकर शामिल हुए. रूहानी ने सरकारी टीवी पर कहा कि कमजोर ईरान मादक पदार्थों की तस्करी का पूरी ताकत से मुकाबला नहीं कर पाएगा. उन्होंने कहा, ‘‘प्रतिबंधों से ईरान के कमजोर पड़ जाने से कई (देश) सुरक्षित नहीं होंगे.’’

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