कांग्रेस के युवा ब्रिगेड के अहम चेहरे कन्हैया कुमार, जिग्नेश मेवानी और हार्दिक पटेल एक साथ शुक्रवार को पहली बार बिहार में चुनावी प्रचार को धार देने के लिए उतर रहे हैं. कांग्रेस की यह तिकड़ी तीन-तीन दिन तारापुर और कुशेश्वरस्थान क्षेत्र में रहकर में पार्टी के पक्ष में जोरदार तरीके से माहौल बनाने का काम करेंगे.
पटना,
बिहार विधानसभा की दो सीटों पर हो रहे उपचुनाव में कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी है. आरजेडी से बिगड़ते रिश्ते के बीच कांग्रेस किसी तरह की कोई गुंजाइश अब नहीं छोड़ना चाहती है. कांग्रेस के युवा ब्रिगेड के अहम चेहरे कन्हैया कुमार, जिग्नेश मेवानी और हार्दिक पटेल एक साथ शुक्रवार को पहली बार बिहार में चुनावी प्रचार को धार देने के लिए उतर रहे हैं. कांग्रेस की यह तिकड़ी तीन-तीन दिन तारापुर और कुशेश्वरस्थान क्षेत्र में रहकर पार्टी के पक्ष में जोरदार तरीके से माहौल बनाने का काम करेंगे.

 

कांग्रेस की तिकड़ी के भव्य स्वागत की तैयारी

कांग्रेस का दामन थामने के बाद कन्हैया कुमार, जिग्नेश मेवानी और हार्दिक पटेल पहली बार किसी चुनावी जनसभा में एक साथ उतर रहे हैं. तीन नेता शुक्रवार को पटना करीब दो बजे पटना एयरपोर्ट पर आएंगे. यहां से सदाकत आश्रम तक रोड शो होगा. तीनों नेता जनता से मिलते-जुलते सदाकत आश्रम पहुंचेंगे. कांग्रेस ने अपने तीनों युवा नेताओं के स्वागत के लिए जोरदार तैयारी की है, जिसमें ढोल-नगाड़े बजाते हुए पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर शक्ति प्रदर्शन भी करेंगे.

बिहार उपचुनाव में कांग्रेस और आरजेडी आमने-सामने मैदान में है जबकि एनडीए एकजुट होकर चुनाव लड़ रहा है. ऐसे में कांग्रेस ने चुनावी माहौल बनाने के लिए कन्हैया, जिग्नेश और हार्दिक जैसे युवा चेहरों को रणभूमि में उतार दिया. तारापुर में ये नेता 23 से लेकर 25 अक्टूबर तक कांग्रेस प्रत्याशी राजेश मिश्रा के पक्ष में चुनावी जमीन तैयार करेंगे. इसके बाद 26 से 28 अक्टूबर तक ये नेता कुशेश्वरस्थान में रहेंगे, जहां वे अतिरेक कुमार के लिए जनता से वोट मांगेंगे.

कन्हैया के लिए लिटमस टेस्ट बिहार चुनाव

उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवारों के साथ ही इन तीन युवा नेताओं की भी परीक्षा होगी. खासकर कन्हैया को लिटमस टेस्ट से गुजरना होगा. इसलिए उपचुनाव में प्रचार के लिए बिहार आ रहे इन युवा चेहरों पर सबकी नजरें हैं. कांग्रेस के इन युवा स्टार प्रचारकों को टक्कर देने के लिए आरजेडी से तेजस्वी यादव सामने होंगे. कांग्रेस अपने इन तीन युवा नए नेताओं को लेकर उत्साहित है,

कन्हैया कुमार के नाम पर खासकर नजरें इसलिए टिकी हैं, क्योंकि ऐसी चर्चा है कि पार्टी में मजबूती लाने के साथ ही बिहार में तेजस्वी के सामने युवा चेहरे को मैदान में उतारने की नीति से कांग्रेस काम कर रही है. इसलिए कांग्रेस ने ऐसे युवाओं को स्टार प्रचारक में इस बार शामिल किया है. बिहार उपचुनाव के नतीजे साबित करेंगे कि कन्हैया कुमार कांग्रेस के लिए कितने कारगर हैं.

आरजेडी-कांग्रेस आमने-सामने है

बिहार उपचुनाव में आरजेडी और कांग्रेस महागठबंधन के टूटने के बाद कांग्रेस के ये तीनों युवा नेता व स्टार प्रचारक अब एनडीए उम्मीदवार को ही नहीं बल्कि आरजेडी उम्मीदवारों को भी कड़ी टक्कर देंगे. शहीद भगत सिंह की जयंती पर सीपीआई नेता रहे कन्हैया कुमार और गुजरात से दलित नेता व विधायक जिग्नेश मेवानी राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हुए हैं. वहीं, हार्दिक पटेल पहले ही कांग्रेस में शामिल हैं और फिलहाल वह गुजरात में कार्यकारी अध्यक्ष हैं.

गुजरात की सियासत में हार्दिक पटेल और जिग्नेश मेवाणी का अपना सियासी कद है. हार्दिक पाटीदार आरक्षण आंदोलन का चेहरा थे और 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का दामन उन्होंने थाम लिया था. जिग्नेश मेवानी ने गुजरात में दलित नेता के तौर पर अपनी पहचान बनाई है. वहीं, कन्हैया कुमार छात्र राजनीति से आए हैं. तीनों युवा नेता नरेंद्र मोदी के विरोध का चेहरा माने जाते हैं. ऐसे में अब तीनों ही नेता कांग्रेस में हैं और कन्हैया के साथ गुजरात के दोनों युवा नेताओं की नई तिकड़ी चुनावी मैदान और एनडीए और आरजेडी से दो-दो हाथ करने के लिए उतर रही है.

LEAVE A REPLY