ई ए एस शर्मा ने 23 नवंबर को लिखे पत्र में कहा कि ओएनजीसी को मुंबई हाई/बेसिन/सैटेलाइट फील्ड में बहुलांश हिस्सेदारी को बेचने के लिए कहने के सरकार का नवीनतम निर्णय ओएनजीसी धीरे-धीरे कमजोर करेगा।

नई दिल्ली: तेल मंत्रालय का ओएनजीसी के मुंबई हाई और पश्चिमी अपतटीय बेसिन के मुख्य तेल और गैस उत्पादक क्षेत्रों को निजी क्षेत्र को देने का प्रस्ताव सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी ओएनजीसी को क्रमिक ढंग से कमजोर करेगा। जाने-माने पूर्व नौकरशाह ई ए एस शर्मा ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर यह बात कही।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में भारत सरकार के पूर्व सचिव ने कहा कि ओएनजीसी को कमजोर करने के बजाय सरकार को उसकी क्षमता को मजबूत करने के लिए एक सजग रणनीति अपनानी चाहिए और उसे कर्ज में डूबी कंपनियों को खरीदने या उच्च लाभांश का भुगतान करने के लिए मजबूर करने के बजाय उसे पर्याप्त कार्यात्मक स्वायत्तता दी जानी चाहिए।

 

ई ए एस शर्मा ने 23 नवंबर को लिखे पत्र में कहा कि ओएनजीसी को मुंबई हाई/बेसिन/सैटेलाइट फील्ड में बहुलांश हिस्सेदारी को बेचने के लिए कहने के सरकार का नवीनतम निर्णय ओएनजीसी धीरे-धीरे कमजोर करेगा। यह गलत रणनीति का हिस्सा प्रतीत हो रहा है।

उन्होंने सरकार से इस योजना को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि विनिवेश नीति का तरीका यह रहा है कि पहले पीएसयू को कमजोर किया जाए और फिर इसे निजी कंपनियों बेच दिया जाए।

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