तेजस्वी ने महागठबंधन तोड़ने को लेकर सीएम नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा है. तेजस्वी ने कहा कि जनादेश चीरहरण के चौथे वर्षगांठ पर जश्न मनाइए.

पटना: जेडीयू-आरजेडी अलायन्स वाले बिहार महागठबंधन के टूटे तीन साल बीत चुका है. लेकिन नेता प्रतिपक्ष आज भी इस बात को लेकर सीएम नीतीश को हर मोर्चे पर घेरते नजर आते हैं. तेजस्वी अक्सर सीएम नीतीश के महागठबंधन तोड़ने के फैसले को धोखा करार देते हुए उनकी आलोचना करते हैं. इसी क्रम में सोमवार को तेजस्वी ने ट्वीट कर सीएम नीतीश कुुमार पर निशाना साधा है.

 

घर से बाहर निकल मनाएं जश्न

 

तेजस्वी ने ट्वीट कर लिखा है कि ” आज आदरणीय नीतीश जी द्वारा किए गए “जनादेश चीरहरण” की चौथी वर्षगांठ है, आशा है उन्होंने जिस उद्देश्य के लिए जनादेश का अपमान कर 12 करोड़ बिहारियों के साथ छल और विश्वासघात किया था उसकी लक्ष्य प्राप्ति हो गयी होगी? 130 दिन बाद घर से बाहर निकल आज इस वर्षगांठ पर जश्न तो मनाइए.”

 

9वीं फेल तेजस्वी की बुद्धि कमजोर-नीरज कुमार

 

इधर तेजस्वी के सीएम नीतीश पर हमला बोलने के बाद जेडीयू नेता और बिहार सरकार के मंत्री नीरज कुमार बचाव में उतरे और तेजस्वी की जमकर क्लास लगाई. नीरज ने कहा कि 9वीं फेल कमजोर छात्र तेजस्वी यादव को महागठबंधन टूटने की तारीख भी ठीक से याद नहीं है. उन्हें इतना भी नहीं पता कि महागठबंधन 26 जुलाई 2017 को टूटा था ना कि 27 जुलाई 2017 को.

 

मंत्री नीरज कुमार ने तेजस्वी को मेधा वटी खाने की सलाह देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार से समझौता न करने के कारण ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महागठबंधन तोड़ने का फैसला लिया था. महागठबंधन में 2015 के अंदर जेडीयू को जितने वोट मिले उससे कहीं ज्यादा वोट 2019 के लोकसभा चुनाव में मिले. विधानसभा से लोकसभा चुनाव के बीच जेडीयू ने कुल 39 फीसदी अधिक वोट पाए और यह सब कुछ भ्रष्टाचार से समझौता नहीं करने का नतीजा है.

 

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